छत्तीसगढ़ होमस्टे पॉलिसी 2026: मैनपाट और बस्तर में शुरू हुआ नया बिजनेस, सरकार दे रही है ग्रामीणों को मोटी कमाई का मौका!

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Chhattisgarh Homestay Policy 2026 Update: यदि आप छत्तीसगढ़ के निवासी हैं या पर्यटन और बिजनेस से जुड़ी खबरों में रुचि रखते हैं, तो आपके लिए एक बेहद शानदार खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार ने प्रदेश के ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। सरकार ने सरगुजा के मैनपाट (छत्तीसगढ़ का शिमला) और बस्तर के खूबसूरत अंचलों में ₹10 करोड़ की लागत से एक नई और क्रांतिकारी ‘होमस्टे पॉलिसी’ (Homestay Policy) को हरी झंडी दे दी है।

दोस्तों इस नई नीति के लागू होने से न केवल छत्तीसगढ़ के पर्यटन (CG Tourism) को एक नई वैश्विक पहचान मिलेगी, बल्कि मैनपाट और बस्तर के स्थानीय ग्रामीणों के लिए घर बैठे हर महीने मोटी कमाई करने का एक बेहतरीन जरिया खुल गया है। आइए जानते हैं कि यह पूरी योजना क्या है और स्थानीय लोग इसका लाभ कैसे उठा सकते हैं।

क्या है छत्तीसगढ़ सरकार की नई होमस्टे पॉलिसी?

अगर आप सरगुजा का मैनपाट अपनी हसीन वादियों, ठंडे मौसम और तिब्बती संस्कृति के लिए जाना जाता है, वहीं बस्तर अपने जलप्रपातों और घने जंगलों के लिए प्रसिद्ध है। हर साल यहाँ लाखों पर्यटक आते हैं, लेकिन अच्छे होटल्स और रुकने की सही व्यवस्था न होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ता है।

इसी समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने ₹10 करोड़ का विशेष बजट जारी किया है। इस नीति के तहत:

  • ग्रामीण अपने घरों के खाली कमरों को पर्यटकों के रुकने के लिए ‘होमस्टे’ में बदल सकेंगे।
  • पर्यटकों को ठेठ छत्तीसगढ़ी संस्कृति, खान-पान (जैसे चीला, फरा) और ग्रामीण परिवेश का लाइव अनुभव मिलेगा।
  • घरों को सुंदर और पर्यटकों के अनुकूल बनाने के लिए सरकार द्वारा वित्तीय सहायता और ट्रेनिंग भी दी जाएगी।

मैनपाट और बस्तर के ग्रामीणों को कैसे होगी मोटी कमाई?

इस बजट अपडेट के बाद स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार के बंपर अवसर खुले हैं:

  1. कमरों का किराया: पर्यटक महंगे होटलों के बजाय स्थानीय घरों में रुकना पसंद करते हैं, जिससे सीधा किराया ग्रामीणों की जेब में जाएगा।
  2. स्थानीय गाइड और फूड: सैलानियों को बस्तर के तीरथगढ़ या मैनपाट के दलदली और उल्टा पानी घुमाने के लिए स्थानीय गाइड की जरूरत होगी। साथ ही छत्तीसगढ़ी भोजन परोसकर भी अच्छी कमाई की जा सकती है।
  3. हस्तशिल्प और कला: बस्तर के बेलमेटल आर्ट (Dhokra Art) और मैनपाट के कालीन उद्योग को इससे सीधा बाजार मिलेगा।

सिरपुर और अन्य सांस्कृतिक केंद्रों का भी होगा कायाकल्प

इस नीति के साथ ही सरकार छत्तीसगढ़ की प्राचीन धरोहर सिरपुर का भी जीर्णोद्धार (Renovation) करने जा रही है। सिरपुर को एक इंटरनेशनल बुद्धिस्ट टूरिज्म सर्किट के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी भारी इजाफा होने की उम्मीद है।

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इस पोस्ट के लिए अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. छत्तीसगढ़ होमस्टे योजना का लाभ कौन ले सकता है?

Ans: इस योजना का प्राथमिक लाभ सरगुजा (मैनपाट) और बस्तर संभाग के उन स्थानीय ग्रामीणों और मकान मालिकों को मिलेगा, जिनके पास पर्यटकों को ठहराने के लिए अतिरिक्त और सुरक्षित कमरे उपलब्ध हैं।

Q2. होमस्टे शुरू करने के लिए सरकार से क्या मदद मिलेगी?

Ans: साय सरकार इस योजना के तहत ग्रामीणों को अपने घरों को अपग्रेड करने के लिए ₹10 करोड़ के बजट फंड से सब्सिडी, आसान लोन और पर्यटन विभाग की तरफ से हॉस्पिटैलिटी (मेहमाननवाजी) की मुफ्त ट्रेनिंग प्रदान करेगी।

Q3. क्या होमस्टे के लिए किसी रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता होगी?

Ans: हाँ, इसके लिए छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड (Chhattisgarh Tourism Board) के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा, जिसकी प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने वाली है।


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